सोचा था हंस कर तुझे हरा दूंगा
मुस्कुरा कर तुझे भुला दूंगा,
जीवन के इस राह में तुझे मिटा दूंगा।
पर माया के इस जाल में तूने मुझे हरा दिया। .... २
इस मजबूत स्तम्भ को तूने हिला दिया।
दो कदम ना चला था मैं तो … २
तूने अपनी याद दिला दिया ।
ऐ गम तूने मुझे हरा दिया तूने मुझे हरा दिया।
शिवेंद्र प्रकाश सुमन
22/01/2015
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