The Menu of this blog is loading..........
ऐ गम हार गया फिर मैं तुझसे .... २ सोचा था हंस कर तुझे हरा दूंगा मुस्कुरा कर तुझे भुला दूंगा, जीवन के इस राह में तुझे मिटा द…
Read moreहसरत है मेरी हरपल मुस्कुराने की.... २ , हर लम्हों को जीने की , उसे यादगार बनाने की , मुशकिल है ये सफ़र हम जानते हैं .... २ , पर अब …
Read moreना कर ख़फ़ा हमको ----- २ हमसे खता हो जाएगी । ना चाहते हुए भी ----- २ फिर से एक गुनाह हो जायेगी ।
Read more
Social Plugin