
हसरत है मेरी हरपल मुस्कुराने की.... २ ,
हर लम्हों को जीने की , उसे यादगार बनाने की ,
मुशकिल है ये सफ़र हम जानते हैं .... २ ,
पर अब तो आदत है मुशकिलों को भी हराने की,
दो कदम चल कर रुकना तो हम भूल गए है.… २,
बिना रुके हरकदम पर मुस्कुरा कर चलना भी सिख गए है ,
बस अब एक हसरत मुस्कुराने की.... २ ,
हर लम्हों को जीने की , उसे यादगार बनाने की ।
शिवेंद्र प्रकाश सुमन
28 / 11 /2014
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