जिन्दगी तू बरी अजीब है …….
जदों -जहद से भरी हतो की लकीर है ……
खुशियो के सफ़र में गम की तस्वीर है ….
मोहब्बत की राहों में बेबफाई की तस्वीर है …
अपनों के बिच में नफरत की दिवार है ……
गेरो की महफ़िल में प्यार का खुमार है ..
दीवानों की बिच बेबफाई की दिवार है ….
बेबफाओ के बिच मोहब्बत की राह है ….
सच को ठुकराने की राह है ….
झुटो को अपनाने की चाह है …….
खुशियो से भरी आँखों में आंसुओ का सेलाब है ….
गम भरी आँखों में एक सुखी तलाब है ..
जिन्दगी तू बरी अजीब है …….
जदों -जहद से भरी हातो की लकीर है ……
गुमनाम से सफ़र में मंजिल की तलाश है ….
मंजिल की राह में काँटों की बहार है …….
कही सूखे तलाब में भी जीने की आस है ….
कही समुन्द्र की गहराई में जीना दुस्बार है ….
कही आसा में तू नाउमीदी की राह है ….
कही नाउमीदी में भी आसा की एक प्रकाश है …
कही सावन में भी सुखार है ……
कही पतझर में भी बहार है …..
जिन्दगी तू बरी अजीब है …….
जदों -जहद से भरी हाथो की लकीर है ……
जदों -जहद से भरी हतो की लकीर है ……
खुशियो के सफ़र में गम की तस्वीर है ….
मोहब्बत की राहों में बेबफाई की तस्वीर है …
अपनों के बिच में नफरत की दिवार है ……
गेरो की महफ़िल में प्यार का खुमार है ..
दीवानों की बिच बेबफाई की दिवार है ….
बेबफाओ के बिच मोहब्बत की राह है ….
सच को ठुकराने की राह है ….
झुटो को अपनाने की चाह है …….
खुशियो से भरी आँखों में आंसुओ का सेलाब है ….
गम भरी आँखों में एक सुखी तलाब है ..
जिन्दगी तू बरी अजीब है …….
जदों -जहद से भरी हातो की लकीर है ……
गुमनाम से सफ़र में मंजिल की तलाश है ….
मंजिल की राह में काँटों की बहार है …….
कही सूखे तलाब में भी जीने की आस है ….
कही समुन्द्र की गहराई में जीना दुस्बार है ….
कही आसा में तू नाउमीदी की राह है ….
कही नाउमीदी में भी आसा की एक प्रकाश है …
कही सावन में भी सुखार है ……
कही पतझर में भी बहार है …..
जिन्दगी तू बरी अजीब है …….
जदों -जहद से भरी हाथो की लकीर है ……

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