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उन्हें लगता है कि मैं उन्हें सहारा बना रहा हूँ, मुझे लगता है कि मैं अपना ही सहारा मज़बूत कर रहा हूँ। मान लेता हूँ नादानी है मेरी – अपनी बातें तुम पर थोपने की…
Read moreमानवता भी तार-तार होती है, जब कुकर्म की बात होती है। ये पहली बार नहीं, जब वो चीखी है, कभी दिल्ली, कभी मणिपुर, तो कभी बिहार में, मानवता शर्मसार हुई है। …
Read moreशिकवा एक रात बड़ी सुहानी थी ... 2 बातों की कहानी थी, ना वक़्त की थी कमी , न नींद को आंखों में आनी थी। हर बात की अपनी ही कहानी थी, होठों की मुस्का…
Read moreचलो हम कुछ आज करते हैं , घर में बैठ कर ही कुछ खास करते है , शिक्षक है शिक्षा का प्रसार करते हैं | पास नहीं तो क्या हुआ दूर से ज्ञान का…
Read moreकुछ खता तो हुए होगी मुझसे , तुम खफा तो हुए होगे मुझसे , फिर भी बीते हुए पल में न जुदा हुए मुझसे । दिल तो तुम्हारा भी दुख होगा , …
Read moreऐ गम हार गया फिर मैं तुझसे .... २ सोचा था हंस कर तुझे हरा दूंगा मुस्कुरा कर तुझे भुला दूंगा, जीवन के इस राह में तुझे मिटा द…
Read moreहसरत है मेरी हरपल मुस्कुराने की.... २ , हर लम्हों को जीने की , उसे यादगार बनाने की , मुशकिल है ये सफ़र हम जानते हैं .... २ , पर अब …
Read moreना कर ख़फ़ा हमको ----- २ हमसे खता हो जाएगी । ना चाहते हुए भी ----- २ फिर से एक गुनाह हो जायेगी ।
Read moreकल एक रिश्ता अजीब देखा -----२ जो गिरे है अपनी नज़रो में ---२ उन्हें रिश्तो की आर में खुद को बेचते देखा । बनाने अपनी पहचान में ---२ …
Read moreबंद पलकों में एक तस्विर बनी थी, एक धुंधली झलक छलक रही थी , कैद करना चाहा था आँखों में .......2 पर बोझिल आँखों को होस कहा थी । मदहोस था उन…
Read moreवो रुलाते है तेरा नाम लेकर , वो हँसाते है तेरा नाम लेकर , जाने तुझे भुला क्यू नहीं देता उनका नाम लेकर | एक अलग सी कसक उठा जाती है तेरा नाम सुन कर…
Read moreकभी मौजो में ढूंढ़ता हूँ उसे , कभी बहारो में ढूंढ़ता हूँ उसे , समाए है जो मेरे रोम -रोम में , हर जगह…
Read moreपलक जब बोझिल हो जाती है नींदों से -2 जाने क्यू तू यादो में समाजाती है धीरे से , जो देखता हूँ तुझे बंद पलकों से जाने क्यू…
Read moreना देख कर दरवजे पर हमें , वो कभी रूठ जाया करती थी , आज दूर होकर भी हमसे वो मुस्कुरय करती है | ना देख कर हंसी होटों पर मेरे वो टूट जाया करती थ…
Read moreहर बार वो आपने बात से मुकर जाती है , कुछ कहती है फिर हस क ताल जाती है , मह्स्गुल है वो खुद में इतना की हमने भूल जाती है, मह्स्गुल हूँ मै उनमे इतना की खुद को भ…
Read moreसोचता हूँ जिनके बारे में हर पल -२ वो कहते है कभी मुझे सोचते नहीं दिन गुजर जाती है जिनको सोच कर वो कहते है कभी मुझे सोचते नहीं …
Read moreबंधन एक रेत की तरह होती है -2, हवा के रुख से जाने किधर चल देती है कुछ दूर चल के जाने क्यों ठहर जाती है एक नए बंधन में खुद को फिर से बांध लेती है पा…
Read moreवो कहती है...... वो कहती है भूल जाओ मुझे . मै कहता हूँ , केसे भूल जाऊ तुझे वो कहती है यादो के सहारे नहीं …
Read moreबचपन के भूल याद आते है , वो सरार्त थी या गलतियाँ -२ पर याद और याद बहुत याद आते है वो छोटी सी बातो पर रोना याद आते …
Read moreटपक जाये जो बूंद आपके आँखों से , तौहीन हमारे हसरतो की होगी | महयुसी जो छलक जाये आपके चेहरे से, धिकार हम…
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